देहरादून। मौसम विभाग के रेड और ऑरेंज अलर्ट के बीच मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने रविवार देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) पहुंचकर प्रदेश में बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, बिजली-पेयजल आपूर्ति, संचार व्यवस्था तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी, पोकलैंड समेत पर्याप्त मशीनरी पहले से तैनात रखने और बंद मार्गों को प्राथमिकता से खोलने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिलाधिकारियों से अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कर जल्द यूएसडीएमए को रिपोर्ट भेजने तथा प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने को कहा। चारधाम यात्रा को भी मौसम और मार्ग की स्थिति के आधार पर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
179 ट्रेकर्स विभिन्न स्थानों पर फंसे
मुख्य सचिव ने उत्तरकाशी और बागेश्वर में हाई एल्टीट्यूड ट्रेकिंग के दौरान फंसे 179 ट्रेकर्स के रेस्क्यू अभियान की भी समीक्षा की। अधिकारियों के अनुसार उत्तरकाशी में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 और बागेश्वर में 3 दलों के 43 ट्रेकर्स फंसे हुए हैं।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि 28 सितंबर की सुबह 6 बजे से हेलीकॉप्टरों के माध्यम से रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाए। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त हेलीकॉप्टरों की व्यवस्था करने, ट्रेकर्स से लगातार संपर्क बनाए रखने और उनकी लोकेशन एवं स्वास्थ्य की निगरानी करने को कहा गया है।
रेस्क्यू के बाद सभी ट्रेकर्स की मेडिकल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। एम्स ऋषिकेश और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। रेस्क्यू हेलीकॉप्टरों में पर्याप्त एटीएफ और सेटेलाइट फोन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
नदियों और संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी
मुख्य सचिव ने नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखने और नदी किनारे रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। डैम और बैराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में पहले से सूचना देने को कहा गया।
गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों की विशेष निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर से सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
डेंगू रोकथाम के लिए अभियान
बारिश के बाद डेंगू की आशंका को देखते हुए नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर पानी की निकासी, फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और स्वच्छता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए। अस्पतालों में जांच किट, दवाइयां, रक्त, बेड और चिकित्सकीय स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
