देहरादून।नथुवावाला निवासी प्रसिद्ध लोक साहित्यकार व ग्राम्यांचल पत्रकार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद सकलानी के निधन पर विभिन्न साहित्यिक,सामाजिक संस्थाओं एवं पत्रकार संगठनों ने शोक व्यक्त किया। विदित हो कि रामेश्वर सकलानी द्वारा भगवतगीता का गढ़वाली में रूपांतरण ‘गढ़ गीता’ व गढ़वाली शब्दकोश ‘अंजवाल’ आदि पुस्तको की रचना को आज भी पाठकगण खूब पढ़ रहे हैं। उनके निधन पर ग्राम्यांचल पत्रकार एसोसिएशन,प्रेस क्लब मुनिकीरेती,आवाज साहित्यिक संस्था,गढभूमि लोकसंस्कृति संरक्षण समिति आदि ने शोक व्यक्त किया।तथा लोकसाहित्य जगत के अपूर्णीय क्षति बताया।रामेश्वर प्रसाद सकलानी के वर्तमान में पत्नी ,तीन पुत्र व तीन पुत्रियां हैं।उनके पुत्रों द्वारा उनकी चिता को मुखाग्नि दी गई। ग्राम्यांचल पत्रकार एसोसिएशन के सदस्य भानुमित्र शर्मा,बंशीलाल नौटियाल,ऋषि कंडवाल,धनीराम बिन्जोला,सतेश्वेर गौड़,मनीष बिजल्वाण आदि ने उनके निधन ओर शोक संवेदना व्यक्त किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *